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मामा के राज में जय हो आबकारी विभाग : आयुक्त 2 नवंबर से कार्यालय दर्शन ही नही दिऐ इसे कहते हैं रामराज्य

मामा के राज में जय हो आबकारी विभाग : आयुक्त 2 नवंबर से कार्यालय दर्शन ही नही दिऐ इसे कहते हैं रामराज्य

राष्ट्रीय जगत विजन 14 जनवरी 2021

ग्वालियर: मुरैना जिले में जहरीली शराब से 12 लोगों की मौत और 1 दर्जन से अधिक लोगों की गंभीर हालत के लिए आबकारी विभाग भी बराबर के जिम्मेदार है। आबकारी विभाग के आयुक्त ग्वालियर स्थित प्रदेश आबकारी मुख्यालय में बैठते ही नही है। वह 2 नवंबर से ग्वालियर कार्यालय से गायब है। उनकी अनुपस्थिति में पूरे प्रदेश में आबकारी माफिया सक्रिय है। और नकली अवैध एवं जहरीली शराब का कारोबार धड़ल्ले से फल फूल रहा है।
मुरैना की घटना के बाद भी प्रदेश के आबकारी आयुक्त राजीवचंद्र दुबे अभी भी भोपाल में ही पैर पसार कर जमे हुए है। उन्होने ग्वालियर आकर स्थिति समझने व संभालने की कोशिश नही की। उनसे पूछा गया तो आबकारी आयुक्त का कहना था कि वह कैंप कार्यालय भोपाल से ही आबकारी आयुक्त कार्यालय के संचालन की जिम्मेदारी संभाल रहे है। आबकारी आयुक्त के भोपाल रहने से सारे विभागीय कामकाज ठप्प है, और आबकारी विभाग में पॉलिसी मैटर का निर्धारण नही हो पा रहा है।
अब मुरैना में आबकारी अधिकारी के निलंबन के बाद का हास्यास्पद आर्डर देखिए, मुरैना से 110 किलोमीटर दूर स्थित दतिया जिले के आबकारी अधिकारी निधि जैन को मुरैना जिले का अतिरिक्त प्रभार दिया है। जो 110 किलोमीटर दूर से आ– जाकर मुरैना का प्रभार संभालेंगी। जबकि मुरैना से भिंड 30 किलोमीटर और ग्वालियर 35 किलोमीटर दूर है। यहां के जिला आबकारी अधिकारी को प्रभार दिया जाता तो वह नियमित रूप से मुरैना की स्थिति संभाल सकते है।

आबकारी विभाग में आबकारी आयुक्त के इस आदेश की बडी जगहंसाई भी हो रही है।

क्या शिवराज सिंह जी इस मामले को गंभीरता से लेकर दोषियों पर कार्यवाही करेंगे।

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