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बड़ी खबर : कांग्रेस को मई में मिल सकता है नया स्थाई अध्यक्ष,! केसी वेणुगोपाल का बड़ा बयान, इधर CWC की बैठक में आक्रामक दिखे अशोक गहलोत, जाने मीटिंग में क्या हुआ?

बड़ी खबर : कांग्रेस को मई में मिल सकता है नया स्थाई अध्यक्ष,! केसी वेणुगोपाल का बड़ा बयान, इधर CWC की बैठक में आक्रामक दिखे अशोक गहलोत, जाने मीटिंग में क्या हुआ?

राष्ट्रीय जगत विजन 22 जनवरी 2021

नई दिल्ली :; कांग्रेस वर्किंग कमिटी की महत्वपूर्ण बैठक जारी है। कोरोना महामारी के कारण सीडब्ल्यूसी ने डिजिटल तरीके से बैठक की। इस बैठक से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है कि मई में कांग्रेस को नया अध्यक्ष मिल सकता है। फिलहाल सोनिया गांधी पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। दरअसल, बैठक में मई में संगठनात्मक चुनाव कराने को लेकर सहमति बनती दिख रही है।

कांग्रेस पार्टी में जारी अंदरुनी कलह के बीच शुक्रवार को पार्टी की वर्किंग कमेटी की बैठक हुई. बैठक में जहां नेताओं की ओर से जल्द आंतरिक चुनाव करने की अपील की गई. तो वहीं राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बागियों पर भड़क गए. अशोक गहलोत ने कहा कि चुनाव की इतनी जल्दी क्यों हैं, क्या नेताओं को सोनिया गांधी के नेतृत्व पर भरोसा नहीं है? कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में अशोक गहलोत करीब 15 मिनट तक बोले. जहां उन्होंने कहा कि आज किसान आंदोलन, महंगाई, अर्थव्यवस्था जैसे कई मसले चल रहे हैं, ऐसे में इनपर फोकस करना जरूरी है और संगठन के चुनाव बाद में भी कराए जा सकते हैं. जल्द संगठन का चुनाव कराने वालों को गहलोत ने कहा कि क्या उन्हें सोनिया गांधी के नेतृत्व पर भरोसा नहीं है.

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आपको बता दें कि कांग्रेस में संगठन चुनाव को लेकर पहले भी कई नेता सोनिया गांधी को चिट्ठी लिख चुके हैं. सूत्रों की मानें तो इन्हीं में से एक आनंद शर्मा ने ही बैठक में संगठन चुनाव का मसला उठाया. जिसपर अशोक गहलोत ने उन्हें जवाब दिया.

जाने अंदर की सभी बाते बैठक में ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से कहा गया कि पार्टी को जल्द ही इसका शेड्यूल निकालना चाहिए, क्योंकि कई और मुद्दे भी अहम हैं. शुक्रवार की बैठक में ही ये बात सामने आई है कि कांग्रेस मई महीने में आंतरिक चुनाव करा सकती है. यानी पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने के बाद ही अध्यक्ष पद का चुनाव कांग्रेस कराएगी. कांग्रेस की वर्किंग कमेटी की बैठक में किसान आंदोलन, वैक्सीनेशन, चैट विवाद पर जांच की मांग से जुड़े प्रस्ताव पास किए गए हैं. साथ ही जल्द ही संगठन का चुनाव तय करने की बात हुई है. शुक्रवार की बैठक में तय हुआ है कि कांग्रेस पार्टी लगातार जिला और ब्लॉक स्तर पर कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखेगी.

बैठक में अर्नब गोस्वामी की कथित व्हाट्सएप बातचीत का हवाला देते हुए सोनिया ने कहा कि दूसरों को देशभक्ति और राष्ट्रवाद का प्रमाणपत्र बांटने वाले अब पूरी तरह बेनकाब हो गए हैं।

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बैठक में सोनिया गांधी ने रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी की कथित वायरल वाट्सएप चैट को लेकर कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से पूरी तरह से समझौता किया गया। सरकार ने इसपर चुप्पी साधी हुई है। उन्होंने अर्थव्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। सोनिया गांधी ने कहा कि नए कृषि कानूनों को जल्दबाजी में लागू किया गया, इस पर संसद में सही तरीके से चर्चा तक नहीं की गई।

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राष्ट्रवाद का प्रमाणपत्र बांटने वाले हुए बेनकाब: सोनिया

सीडब्ल्यूसी की बैठक में उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि सरकार ने किसान संगठनों के साथ बातचीत के नाम पर हैरान करने वाली असंवेदनशीलता और अहंकार दिखाया है।

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सोनिया ने कहा, ‘एक सप्ताह में संसद सत्र आरंभ होने जा रहा है। यह बजट सत्र है, लेकिन जनहित के कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर पूरी तरह चर्चा किए जाने की जरूरत है। क्या सरकार इस पर सहमत होती है, यह देखने होगा।’ केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया, ‘किसानों का आंदोलन जारी है और सरकार ने बातचीत के नाम पर हैरान करने वाली असंवेदनशीलता और अहंकार दिखाया है।’

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उन्होंने यह भी कहा, ‘यह स्पष्ट है कि कानून जल्दबाजी में बनाए गए और संसद को इनके प्रभावों का आकलन करने का अवसर नहीं दिया गया। हम इन कानूनों को खारिज करते हैं क्योंकि ये खाद्य सुरक्षा की बुनियादों को ध्वस्त कर देंगे।’

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