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छत्तीसगढ़ की सभी कोटवारी जमीनों की रजिस्ट्री होगी रद्द, राज्य शासन ने दिए आदेश प्रदेशभर की हजारों एकड़ कोटवारी सेवा भूमि नियम विरुद्ध की गयी है बिक्री

राष्ट्रीय जगत विजन 19 फरवरी 2021

राष्ट्रीय जगत विजन 19 फरवरी 2021

बिलासपुर : अब शासन ने सभी पटवारी जमीनों की हुई रजिस्ट्री पर नोटिस भेजने के आदेश दिए हैं । शासन के आदेश के बाद अब जिला प्रशासन इसमें सिविल वाद दायर करेगा ऐसी जितनी भी भूमि की रजिस्ट्री हुआ है, वह फिर से सेवा भूमि में दर्ज की जाएगी कलेक्टरों ने इसके लिए सभी तहसीलदारों से कोटवारी भूमि की रिपोर्ट मांगी है । एक माह के भीतर यह जानकारी कलेक्टर को देनी होगी| शासन ने बेची गई भूमि की रजिस्ट्री और दस्तावेज जप्त करने के लिए कहा है सरकारी सेवा के बदले 10 एकड़ जमीन प्राप्त करने वाले कोटवारों ने अपनी सैकड़ों एकड़ जमीन पर काबिज भी है। राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने एक आदेश जारी कर बिक्री की गई कोटवारी भूमि को पुनः कोटवारों के नाम पर एक माह के भीतर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

शासन ने कोटवारी भूमि को लेकर जो आदेश दिए हैं उसका पालन किया जा रहा है उस वाली भूमि की समस्त जानकारी तहसील स्तर पर मंगाई गई है। गांव की फोटो और को शासन ने करीब 10 एकड़ भूमि सन 2003 में सरकारी सेवा के बदले दी थी इसके पहले 1950 के पूर्व मालगुजार से प्राप्त भूमि जमीन अहस्तांतरणीय कर दी गई थी। लेकिन कोटवारों ने इन जमीन कारोबारियों को ऊंचे दामों पर भेज दी है। राज्य शासन को इसकी जानकारी मिलने पर यह जमीन वापस लेने का फैसला किया है इस लिहाज से शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव ने सभी जिले के कलेक्टर संभागायुक्ततो को पत्र लिखकर कार्रवाई शुरू करने कहा है। प्रदेश शासन ने 1950 के पूर्व मालगुजारी द्वारा कोतवाली के एवज में दी गई भूमि पर कोटवार को भूस्वामी का हक नहीं दिया है। शासन ने कहा है कि भूस्वामी का अधिकार नहीं मिलने के बाद भी कोटवारों ने उस जमीन की बिक्री बिना कलेक्टर की अनुमति के कर दी है जबकि नियम तक जमीन का भूमि स्वामी का शासन ने नहीं दिया है। कोटवारों द्वारा विक्रय की गई भूमि संबंधी प्रकरणों का परीक्षण कर कोटवारों को प्रदान की गई भूमि अभिलेख में अहस्तातरणीय शब्द नियम दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

हाईकोर्ट के आदेश का हवाला :- राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन रायपुर द्वारा पत्र क्रमांक 10। -11/2000 ऑप्र पार्ट-2 पत्र प्रेषित करते हुए संदर्भित पत्र के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं बीते सप्ताह फिर से विभाग ने सभी जिलों को पत्र भेजा है संदर्भित पत्र मैं उच्च न्यायालय द्वारा रिट याचिका क्रमांक 704/18-8-2018 नेपाली आदेश द्वारा निर्देशित किया गया है। की कोटवारों को माल गुजारो द्वारा वर्ष 1950 के पूर्व प्रधान की भूमि और शासन से मिली भूमि पर भूमि स्वामी हक नहीं किया जा सकता।

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