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क्या जशपुर की जमीन हड़पने में लगे हुए गिद्धों को मार गिराएंगे गणेशराम के तीर ? विधानसभा में मानव तस्करी और जमीन के मुद्दे उछालने की तैयारी में ……….भाजपा

क्या जशपुर की जमीन हड़पने में लगे हुए गिद्धों को मार गिराएंगे गणेशराम के तीर ?

विधानसभा में मानव तस्करी और जमीन के मुद्दे उछालने की तैयारी में ……….भाजपा

राष्ट्रीय जगत विजन 21फरवरी2021

जशपुर : जशपुर ज़िला नैसर्गिक रूप से काफी सुंदर और समृद्ध होने के साथ ही विकास की अनेक संभावनाओं से भरा हुआ है । यहां की जमीन के ऊपर पूर्ववर्ती रमन सरकार से लेकर वर्तमान भूपेश सरकार में पल रहे गिद्धों का मंडराना जारी है ।

चाय बागान ,फार्म हाउस, बॉक्साइट , टूरिज्म डेवलपमेंट में निजी रिसॉर्ट, हॉटल्स, ऋषिकेश की तर्ज पर पाठ इलाके में बड़े लोगों के लिए आरामगाह बनाने के प्लान पर काम करने के लिए भोले-भाले आदिवासी, पिछड़े,सामान्य तबके की जमीन इनके निशाने पर है।

ऐसे गिद्ध केवल राजनीति में ही नहीं है बल्कि ब्यूरोक्रेसी में भी हैं । एक आईएएस जो जशपुर में भी सेवा दे चुके हैं उनके रिश्तेदारों के नाम से यहीं के भ्र्ष्टाचार से अर्जित धन से सैंकड़ों एकड़ जमीन खरीदे जाने की चर्चा जनता में जोरो पर है । कई रिटायर्ड व बड़े पदों पर काम कर रहे अधिकारी भी इस खेल में दांव लगा रहे हैं ।

खैर , पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के राजनीतिक के पैदाइसी चेले वर्तमान राजनीति में अपने आप को धुरंधर खिलाड़ी मानने वाले, कांग्रेस सरकार के दिग्गज मंत्री अमरजीत भगत के जज बेटे आशीष भगत द्वारा कोरवा आदिवासी परिवार की पूरी जमीन को खरीदने का मामला अभी गर्म ही है कि जशपुर विधायक विनय भगत के भाई संजीव भगत पर भी छलपूर्वक जमीन हथियाने का मामला जनता के में उछाल दिया गया है ।

जनजातीय सुरक्षा मंच के प्रमुख ,पूर्व आदिवासी मंत्री भाजपा के फायरब्रांड नेता गणेश राम भगत जमीन के दलालों और खरीददारों के खिलाफ मोर्चा खोल दिये हैं । गणेशराम भगत दोनों मामलों में कथित पीड़ितों के साथ खड़े हैं और भूपेश सरकार को पूरी तरह से घेरने में भाजपा को मुद्दा दे रहे है

कल से विधानसभा सत्र शुरू होने जा रहा है । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने अमरजीत भगत के बेटे आशीष भगत की जमीन खरीदी मामले पर जाँच टीम बना दी है । वहीं अमरजीत भगत बैकफुट पर अपना विकेट बचाने की कोशिश में लगे हुए हैं

जशपुर कलेक्टर महादेव कावरे के पास हुई शिकायत पर कलेक्टर ने तत्काल अपनी ओर से जांच रिपोर्ट मंगवाई और 24.88 डिसमिल जमीन के नामांतरण पर रोक लगा दिया है

बहरहाल , जशपुर जिले को टूरिज्म का हब बनाने की दिशा में दिनरात लगी भूपेश सरकार और उसके संसदीय सचिव यूडी मिंज की कोशिश का साइड इफेक्ट यह होगा कोई सोचा न था । अब गणेशराम की मांग पर यदि जांच सही तरीके से हो गई तो कई अधिकारी , नेता ( राजनीतिक पार्टियों के) नप सकते है। वहीं इस मामले में भगत के जज बेटे की शिकायत हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र के साथ करने की तैयारी भी चल रही है।

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