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सूरजपुर: मंत्री समेत कांग्रेस नेताओं पर करोड़ों की जमीन का फर्जीवाड़ा करने का गंभीर आरोप ………. साथ ही हल्का पटवारी के रिश्तेदारों के भी शामिल होने का आरोप लग रहे हैं …. पढें पुरी खबर

सूरजपुर : जिले के प्रतापपुर ब्लॉक के मदन नगर में करीब 200 एकड़ जमीन के फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है । जहां एक सामाजिक यूवा कार्यकर्ता ने बड़े रसूखदारों पर फर्जीवाड़ा करने का गंभीर आरोप लगाया है । जिसके बाद से जिले भर में इस बात की चर्चा जोर पकड़ लिया है ।इस फर्जीवाड़ा आरोप के बाद से इस क्षेत्र में राजनीतिक सियासत तेज हो गई है । आपको बता दें कि सूरजपुर जिले को कोयला अंचल के नाम से पहचाना जाता है। इस जिले में दर्जनभर एसईसीएल की कोयला खदानें हैं । ऐसे में कोयला खदानों के लिए भूमि का अधिग्रहण कर अरबों रुपए के मुआवजा और भूमि के बदले नौकरी पाने का सिलसिला पिछले चार दशकों से चला आ रहा है । ऐसे में जानकारी के मुताबिक सूरजपुर के मदन नगर में संभावित है एशिया का सबसे बड़ा कोयला खदान खुलने वाला है । जहां हजारों एकड़ भूमि अधिग्रहण करने ,मुआवजा और नौकरी देने की कवायद शुरू हो गया है ।ऐसे में मदन नगर के एक सामाजिक यूवा ने कांग्रेस के दिग्गज मंत्री व क्षेत्रीय विधायक समेत अधिकारी पटवारी पर जमीन फर्जीवाड़ा करने का गंभीर आरोप लगाया है युवक का आरोप है कि 200 एकड़ से ज्यादा की शासकीय भूमि को कांग्रेसी समेत कई भाजपा नेताओं और अधिकारीयों और पटवारी ने अपने परिजनों के नाम पर कर लिया है जिसे भूइया शाखा के ऑनलाइन पोर्टल पर देखा जा सकता है । जब युवक ने बड़े नेताओं समेत रसूखदारों का नाम शासकीय भूमि पर उनके नाम दर्ज होने का रिकॉर्ड देखा तो होश उड़ गए जिसके बाद युवक ने तहसील कार्यालय से सूचना के अधिकार के तहत दस्तावेज निकालने शुरू कर दिया जैसे ही इन मंत्री और नेताओं को दस्तावेज निकलवाने की जानकारी मिली है तब से राजस्व अधिकारियों से मिली भगत कर 1 माह के अंतराल में ही भूइंया के ऑनलाइन पोर्टल से सभी भूमि में दर्ज नाम को फिर से हटा कर वापस आज की स्थिति में शासकीय भूमि बना दिया गया है युवक ने यह भी आरोप लगाया है । कि रसूखदारों के द्वारा कई भूमि को पहले से ही बिक्री भी कर दिया गया है। और नामांतरण के लिए कई लोग आवेदन भी लगा चुके हैं । ऐसे में जमीन फर्जीवाड़े का खेल कर करोड़ों का मुआवजा और नौकरी के लालच में इस तरह के फर्जीवाड़ा कर गरीब आदिवासियों के हक को छीना जा रहा है, उनके छोटे छोटे भाई बहनों और बच्चों के जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर पेट में लात मारने का कार्य इनके द्वारा किया जा रहा है। जिसमें प्रदेश के शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में भी यह कार्य किया जा रहा है । वहीं इस पूरे मामले में स्थानीय ग्रामीणों ने भी नाराजगी जाहिर करते हुए आक्रोश जाहिर किया है साथ ही धरन प्रदर्शन करने और उसके बाद भी कार्यवाही नहीं होने पर माननीय उच्च न्यायालय की शरण में जाने की बात कही जा रही है ।युवक के मुताबिक जमीन फर्जीवाड़े का खेल पिछले कई सालों से जारी है। ऐसे में सैकड़ों एकड़ की जमीन का फर्जी हो गया है । और जिला प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी इस फर्जीवाड़ा में शामिल हैं। जिला प्रशासन पुरी तरह से इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।

तेज हुआ राजनीतिक सियासत

साथ ही नेताओं समेत स्थानीय पटवारी अधिकारी और कई रसूखदारों के द्वारा जमीन फर्जीवाड़े का आरोप लगते ही जिले में राजनीतिक सियासत भी तेज हो गई है ।भाजपा के पूर्व मंत्री रामसेवक आरोप लगाते हुए जमकर निशाना साधा है । आगे कहा कि भाजपा के विधायक मंडल से चर्चा का विधानसभा में इस मामले को उठाया जाएगा । वहीं कांग्रेस के जिला प्रवक्ता आर के ओझा ने भी पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा केवल जुमला पार्टी है जो पूरी तरह से निराधार आरोप लगाकर कांग्रेस के खिलाफ मुद्दा बनाने की कोशिश करते रहती है। बहरहाल दस्तावेजों के साथ एक स्थानीय सामाजिक यूवा कार्यकर्ता के इस गंभीर आरोप लगाने से पूरे प्रदेश के शीर्ष बड़े नेताओं पर कई सवालिया निशान खड़ा हो गया है । ऐसे में युवक के दस्तावेज के साथ जमीन फर्जीवाड़े का मामला किस स्तर पर जा कर रूकता है । और जांच व कार्य वाही के पहल के लिए कोई आगे आता है की नहीं यह तो समय ही बताएगा। ,अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में इस शिकायत की जांच होती है या नहीं और इस पर क्या कार्यवाही होती है और दोषियों को क्या सजा मिलेगी यह तो आने वाला समय ही बताएगा ।

जांच करकर कार्यवाही की जायेगी

यह बात जिले के नवपदस्थ कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह ने कही है की इस पुरे की जानकारी हमें प्राप्त होने के पश्चात हम इस पुरे मामले की जांच कराकर वैधानिक कार्यवाही करेंगे दोषियों को छोडा नहीं जायेगा चाहे वह कोई भी हो ।

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