शनि. फरवरी 29th, 2020

70 सालों में सबसे बड़ा आर्थिक मंदी के दौर के साथ नकदी का अभूतपूर्व संकटः नीति आयोग

1 min read

70 सालों में सबसे बड़ा आर्थिक मंदी के दौर के साथ नकदी का अभूतपूर्व संकटः नीति आयोग

  • ( राष्ट्रीय जगत विजन )23 अगस्त 2019

राजीव कुमारइमेज कॉपीरइटFACEBOOK

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर छाया नकदी का संकट एक अभूतपूर्व सी परिस्थिति है.

राजीव कुमार ने कहा, “पिछले 70 सालों में किसी ने ऐसी परिस्थिति नहीं देखी जहाँ सारा वित्तीय क्षेत्र उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है और निजी क्षेत्र में कोई भी दूसरे पर भरोसा नहीं कर रहा है. कोई भी किसी को कर्ज़ देने को तैयार नहीं है, सब नकद दाबकर बैठे हैं”.

उन्होंने दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि इस जड़ता वाली स्थिति को तोड़ने के लिए अभूतपूर्व क़दम उठाए जाने की आवश्यकता है.

राजीव कुमार ने कहा कि निजी क्षेत्र की आशंकाओं को दूर करने के लिए सरकार को हरसंभव प्रयास करना चाहिए.

उन्होंने कहा, “नोटबंदी, जीएसटी और आईबीसी (दीवालिया क़ानून) के बाद हर चीज़ बदल गई है. पहले 35 फ़ीसदी नक़दी उपलब्ध होती थी, वो अब काफ़ी कम हो गया है. इन सभी कारणों से स्थिति काफ़ी जटिल हो गई है.”

रुपयाइमेज कॉपीरइटAFP

पीएफ़ पर 8.65 प्रतिशत ब्याज़ दर

केंद्र सरकार ने प्राविडेंट फ़ंड की ब्याज़ दरों को 8.65 प्रतिशत घोषित करने पर अपनी सहमति दे दी है.

वित्तीय वर्ष 2018-19 में इम्प्लाई प्रोविडेंट फ़ंड ऑर्गेनाइजेशन (ईपीएफ़ओ) ने 8.65 प्रतिशत ब्याज़ दर प्रस्तावित किया था.

पीएफ़ ब्याज़ दरों को लेकर वित्त मंत्रालय और श्रम मंत्रालय के बीच मतभेद था, लेकिन बाद में इसे सुलझा लिया गया क्योंकि श्रम मंत्रालय की ओर से कहा गया कि ईपीएफ़ओ के पास इतना पैसा है कि वो 4.6 करोड़ सदस्यों को 8.65 प्रतिशत ब्याज़ दे सकता है.

More Stories

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

You may have missed

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.