शनि. फरवरी 29th, 2020

मध्य प्रदेश में सरकार गिराने की तैयारी ! सोनिया गांधी ने कमलनाथ-ज्योतिरादित्य को बुलवाया दिल्ली दरबार….!!

1 min read

मध्य प्रदेश में सरकार गिराने की तैयारी ! सोनिया गांधी ने कमलनाथ-ज्योतिरादित्य को बुलवाया दिल्ली दरबार….!!

राष्ट्रीय जगत विजन सितंबर 10, 2019

राजनीति

भोपाल : मध्यप्रदेश में कांग्रेस का गुटीय घमासान थमता नजर नहीं आ रहा है ! प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर सिंधिया समर्थक विधायकों की धमकियों के बीच सोनिया गांधी ने कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया को दिल्ली में सुलह के लिए बुलवाया है ! हाईकमान को ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके करीबी प्रदेश सरकार के मंत्री उमंग सिंघार की घर के विवाद को सड़क पर लाने का रवैया पसंद नहीं आया।

दो विधायकों की अल्पमत वाली कांग्रेस सरकार को बसपा और सपा जैसे छोटे दलों का समर्थन मिला हुआ है , जबकि कांग्रेस के भीतर ही जिस तरह इस्तीफे की खुलेआम धमकियां दी जा रही है उस पर भाजपा पैनी नजर लगी हुई है ! इस बीच कमलनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने पार्टी लाइन से अलग जाकर मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने पर बधाई और तारीफ के भी राजनीतिक मायने निकाले जा रहे है !

ज्योतिरादित्य सिंधिया की नजर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) के अध्यक्ष पद पर है। वर्तमान में मुख्यमंत्री कमलनाथ के पास ये पद है, लेकिन वो बाला बच्चन जैसे अपने किसी करीबी को इस पद पर बैठाना चाहते हैं। दतिया से कांग्रेस विधायक अशोक दांगी ने भी पिछले दिनों धमकी दी थी कि, यदि ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाया गया तो वे इस्तीफा दे देंगे !

उल्लेखनीय है कि, ज्योतिरादित्य सिंधिया जो पिछले साल कमलनाथ से मुख्यमंत्री पद की रेस हार गए थे ! मध्यप्रदेश में कांग्रेस के ऐसे तनावपूर्ण माहौल में सोनिया गांधी ने सीएम कमलनाथ से मुलाकात के लगभग तीन दिन बाद सिंधिया को बुलाया है।

मध्य प्रदेश में छिड़े सत्ता संग्राम के असल वजह कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान है। राज्य में चरम पर पहुंच चुकी गुटबाजी थी तो शुरू से ही लेकिन यह अब सतह पड़ आ गयी है। अब तो पार्टी के बड़े नेता जिस तरह से बयानबाजी दे कर रहे हैं वह इसका प्रमाण है ! ये कलह तमाम कोशिशों के बावजूद भी खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही। ऐसे में बहुमत से 8 विधायकों की कमी के कारण सत्ता से बाहर बैठी बीजेपी ने भी अपने पासे ज़माने के कोशिशों को और तेज कर दिया है !

उल्लेखनीय है कि,मौजूदा 229 विधायकों में बीजेपी के 108 विधायक है जबकि कांग्रेस के 114 विधायक हैं ! कांग्रेस का बहुमत जुगाड़ चार निर्दलीय, दो बसपा व एक सपा विधायक के साथ 121 के आंकड़े से मिला हुआ है ! यानी बीजेपी सत्ता पाने के लिए 8 विधायक चाहिए ! कर्नाटक में जिस तरह भाजपा की सरकार बनी है उसके बाद उसके लिए मध्यप्रदेश में बहुमत जुटाना पहले की तरह कठिन नहीं माना जा रहा है !

मध्यप्रदेश में ऐसे हालात की शुरुआत दिग्विजय सिंह के पत्र देकर समय मांगने से हुई उसके बाद से कांग्रेस की सियासत गरमाई हुई है ! उस पर वन मंत्री उमंग सिंघार द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ तीखे तेवर ने आग में घी का काम किया।

मौके का फायदा उठाकर कमलनाथ सरकार को समर्थन दे रहे सपा विधायक राजेश शुक्ला ने भी कई मंत्रियों पर गंभीर आरोप लगते हुए कहा कि 12-13 मंत्री बिना पैसे लिए काम नहीं करते। विधायकों की भी नहीं सुनते। उन्होंने मंत्री कमलेश्वर पटेल, बाला बच्चन और तुलसी सिलावट का नाम भी लिया और कहा कि प्रदेश में जनहित के काम भी नहीं हो रहे।

मुख्यमंत्री कमलनाथ के तख्ता पलट की सम्भावना इसलिए भी बढ़ती जा रही है क्योंकि उनके विरुद्ध 35 साल पुराने सिख दंगों की बंद फाइलें खोलने का आदेश हो गया है ! ऐसे में मामूली अंतर से बाहर बैठी भाजपा के दिग्गज लगातार कांग्रेस विधायकों के संपर्क बनाने में लगे हुए हैं ! आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश में तख्तापलट के बड़े राजनीतिक भूचाल की संभावना बढ़ गई है !

More Stories

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

You may have missed

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.