गुरु. अक्टूबर 17th, 2019

हनी ट्रैप कांड ने उड़ाई नेताओं और अफसरों की नींद 12जिलों में चलाती थी ए पांच हसीनाऐं एन जी ओ की आड में सुनियोजित सैक्स रैकेट

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मध्य प्रदेश हनी ट्रैप कांड ने कई नेताओं और अफसरों की नींद उड़ा दी है. ब्लैकमेलर हसीनाओं ने एमपी के जिन नेताओं-मंत्रियों और अफसरों के अश्लील वीडियो बनाए, उनसे इसके बदले में बड़ी कीमत वसूली गई. एसआईटी को जांच के दौरान पता चला कि ये शिकारी हसीनाएं अपने शिकारों से अब तक करीब 15 करोड़ से भी ज़्यादा की रकम वसूल कर चुकी हैं. इनमें शिकार की हैसियत के हिसाब से 50 लाख रुपये से लेकर 3 करोड़ तक की रकम वसूली गई थी. मास हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग का ये सिलसिला काफी वक्त से चल रहा था.

खूबसूरती के जाल में फंसे रसूखदार

अपनी खूबसूरती के जाल में रसूखदार लोगों को फंसाकर उनसे पैसे ऐंठने वाले इस गैंग ने एक इंजीनियर को फंसाया. वह इंजीनियर इंदौर नगर निगम में तैनात हैं. इन हसीनाओं के पास उस अधिकारी का वीडियो भी था. हरभजन सिंह नामक उस इंजीनियर से आरती दयाल ने तीन करोड़ रुपये की मांगी थी. इतनी बड़ी रकम का लेन-देन वे शातिर महिलाएं एनजीओ की आड़ में करती थीं.

इंजीनियर ने दर्ज कराई पहली FIR

खबरों के मुताबिक एक तो ATS को पहले से इस बात की जानकारी थी. दूसरा हरभजन सिंह के पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वो आरती दयाल का मुंह बंद कर पाते. लिहाज़ा इंजीनियर ने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करवा दी. उसके बाद पुलिस ने प्लान बनाकर पहले उस ब्लैकमेलर महिला को इंदौर बुलाया और फिर उसे धर दबोचा. उस महिला की निशानदेही पर ही पुलिस ने एक बाद एक तीन और आरोपी महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया.

महंगी गाड़ियों और संपत्ति की मालकिन है आरती

जिस आरती दयाल को पुलिस ने पकड़ा उसके पास लैंड रोवर, मर्सिडीज और ऑडी जैसी महंगी लग्जरी गाड़ियां हैं. अकेले आरती दयाल के पास कई प्रॉपर्टी हैं और भोपाल नगर निगम की तरफ से उसके पति को आठ करोड़ का काम दिया गया था. अब सवाल ये कि आखिर इतने बड़े लोग इस हनी ट्रैप का शिकार बने कैसे.

हाई प्रोफाइल पार्टियों में तलाशे जाते थे शिकार

पुलिस की पड़ताल में पता चला है कि क्लब में क्लाइंट फंसाने के अलावा ये शातिर हसीनाएं अपने शिकार को साधने के लिए हाई प्रोफाइल पार्टियों में भी आया जाया करती थीं. हनी ट्रैप में पकड़ी जाने वाली महिलाएं लेट नाइट पार्टियों की शौकीन थीं. इनके मोबाइल फोन में शराब पार्टियों के कई वीडियो मिले हैं. अक्सर शनिवार की रात को हाईवे पार्टी के नाम से ये पिकनिक मनाती थीं. ये हाईवे पार्टी भोपाल-इंदौर फोरलेन रोड पर होती थीं. इसके अलावा सीहोर बायपास के रिजॉर्ट में और बड़े होटलों या फार्म हाउस में ऐसी पार्टियों को रखा जाता था. इन पार्टियों में नेताओं और मंत्रियों से लेकर आईएएस और आईपीएस अफसरों तक को बुलाया जाता था.

ऐसे फंसाती थीं अपना शिकार

इन पांच हसीनाओं ने अपने हुस्न का ऐसा काला जादू चलाया कि नेता, अफसर, कारोबारी और इंजीनियर सब के सब शिकार बन गए. मगर सवाल ये कि आखिर क्यों और कैसे इन हसीनाओं ने इन्हें अपना शिकार बनाया. दरअसल, रसूखदार हस्तियों पर कॉल गर्ल बनकर इन हसीनाओं ने पहले डोरे डाले. उन्हें अपने जाल में फंसाया और फिर उनके साथ होटल के कमरे तक पहुंचीं. उनकी रंगीन मिजाजी का फायदा उठाया. उनका अश्लील वीडियो बनाया और फिर शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल. वीडियो बनाने के लिए ये शातिर महिलाएं अपनी लिपस्टिक कवर या फिर चश्में और बैग में खुफिया कैमरा लगाकर वीडियो बनाती थीं.

12 जिलों में चल रहा था सेक्स रैकेट

ये अपने शिकार से सिर्फ पैसे ही नहीं वसूलती थीं बल्कि उसके रसूख का फायदा उठाकर ये उनसे ठेके और दूसरे सरकारी काम भी निकलवाती थीं. पुलिस के मुताबिक ये हसीनाएं मध्य प्रदेश के करीब 12 जिलों में अपना सेक्स रैकेट चला रही थीं. और गिरोह में कुल 18 महिलाएं शामिल हैं. जो एक एनजीओ की आड़ में अपना धंधा करती रही हैं. गिरफ्तार की गई इस गैंग की पांचों महिलाओं का बीजेपी और कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं के साथ उठना-बैठना था. इनके अधिकारियों से भी अच्छे संबंध थे. जिसकी वजह से इनका सचिवालय में भी आना-जाना रहता था.

पुलिस ने माना संगठित अपराध

इनमें महिलाओं में आरती दयाल के अलावा श्वेता जैन, श्वेता स्वप्निल, बरखा भटनागर और मोनिका यादव के नाम प्रमुख हैं. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार की गई इन महिलाओं के पास से 14 लाख रुपये कैश भी बरामद हुआ था. खास बात ये है कि इन ब्लैकमेलर महिलाओं के जाल में फंसे 20 रसूखदार लोगों में से सात-आठ ऐसे भी थे, जिन्हें इनके मकसद के बारे में पूरी जानकारी थी.

इसकी जानकारी इन महिलाओं से मिले मोबाइल फोन पर हुई बातचीत और मैसेजेज से मिली है. यही वजह है कि पुलिस इसे संगठित अपराध मानते हुए बेहद गोपनीय तरीके से एस आई टी पूछताछ कर रही है और पुलिस प्रशासन के बड़े अफसरों को भी आरोपियों से मिलने की इजाजत नहीं दी जा रही है. अभी तक तीन बार एस आई टी के जांच अधिकारी को बदले जा चुके हैं।

मध्य प्रदेश के हाईप्रोफाइल हनीट्रैप केस में फंसे पूर्व सांसद की अश्लील सीडी को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है.बताया जा रहा है कि इस पूर्व सांसद की एक नहीं, दो नहीं, बल्कि पूरी तीस सीडी बनाई गई थीं.इन सीडी के जरिए ही आरोपी महिला बार-बार उन्हें ब्लैकमेल कर रही थी.लोकसभा चुनाव से पहले टिकट कटने के डर से पूर्व सांसद ने आरोपी महिला को दुबई टूर पर भेज दिया था.

माननीय का इसलिए कटा था टिकट

हनीट्रैप केस की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं.सूत्रों की मानें, तो जांच के दौरान एक ऐसी बात सामने आई, जिसने जांच एजेंसी के होश उड़ा दिए हैं.पता चला है कि एक पूर्व सांसद की सीडी एक बार नहीं, बल्कि कई बार बनाई गई है.इन्हीं सीडी के ज़रिए पूर्व सांसद से सबसे पहले दो करोड़ की ब्लैकमेलिंग की गई.इसके बाद ये सिलसिला यहीं नहीं थमा.टोटल तीस अश्लील सीडी बनने की वजह से माननीय बार-बार ब्लैकमेल किए गए.एक बार इन्होंने खुदकुशी की कोशिश तक की.एक वरिष्ठ नेता के हस्ताक्षेप के बाद माननीय सदमे से उबर तो गए, लेकिन भोपाल की महिला आरोपी ने उनका पीछा नहीं छोड़ा.आरोपी महिला ने उन्हें बार-बार ब्लैकमेल भी किया.अपने एनजीओ के लिए कई सरकारी काम भी कराए.भोपाल से गिरफ्तार इस महिला आरोपी से एसआईटी पूछताछ कर रही है.कांग्रेस का आरोप है कि अभी तो जांच शुरू हुई है.आगे बीजेपी नेताओं की काली करतूत उजागर होगी.

हनीट्रैप के जाल में ऐसे फंसे?

बताया जा रहा है कि राजनीति पार्टी के संगठन के बड़े नेता के ज़रिए भोपाल की महिला आरोपी से पूर्व सांसद की पहचान हुई.उसके बाद आरोपी महिला अपने एनजीओ के काम से पूर्व सांसद से कई बार मिली.उसी दौरान पूर्व सांसद महिला के हनीट्रैप के जाल में बुरी तरह फंस गए और उनकी एक के बाद एक कर पूरी तीस अश्लील सीडी बना दी गयीं. ब्लैकमेल हुए पूर्व सांसद ने पहली बार पीछा छुड़ाने के लिए आरोपी महिला को पूरे दो करोड़ रुपए दिए.

ख़ुदक़ुशी की कोशिश

जब आरोपी महिला ने तीस सीडी बनाए जाने की बात पूर्व सांसद को बताई, तो उन्होंने बदनामी के डर से खुदकुशी करने की कोशिश की.खुदकुशी की कोशिश की इस घटना के बाद आरोपी महिला कुछ महीनों तक शांत रही और इसके बाद उसने फिर पूर्व सांसद को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया.सांसद रहते हुए नेताजी ने आरोपी महिला के एनजीओ को फंडिंग दिलाई और कई सरकारी कामकाज भी किए.


दुबई भेजा

हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में टिकट कटने के डर से पूर्व सांसद ने आरोपी महिला को कुछ महीनों के लिए अपने खर्च पर दुबई टूर पर भेज दिया.हालांकि उसके बाद भी उन्हें टिकट नहीं मिला. हनीट्रैप में फंसे होने की वजह से पार्टी ने पूर्व सांसद का टिकट काट दिया.अब माननीय के पास कोई बड़ा पद नहीं है.अब अपनी सीडी मार्केट में ना आ जाए, इसका डर जरूर आज भी पूर्व सांसद को सता रहा है.

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