गुरु. अक्टूबर 17th, 2019

पति-पत्नी और वो निलंबित डीजी  मुकेश गुप्ता

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पति-पत्नी और वो निलंबित डीजी मुकेश गुप्ता

निलंबित डीजी मुकेश गुप्ता की “मॉडस ऑपरेंटी” पर आधारित खबर , जरूर पढ़िए

रायपुर : पुलिस महकमे में मनचले अफसरों की कई हरकते आपने देखी और सुनी होगी । रंगीन मिजाजी प्रवृति के ज्यादातर अफसर किसी महिला की पारिवारिक परिस्थिति का बेजा फायदा उठाने की कोशिश में जरूर लगे रहते है । लेकिन वो पति-पत्नी के रिश्तों को तोड़ने से बचते है । हालांकि इस महकमे में कुछ ऐसे भी अफसर होते है जो मौके का फायदा उठाने में जी जान से जुट जाते है । इस बिरादरी के एक “वहशी-दरिंदे” आईपीएस अधिकारी की दास्तान आज हम आपको बता रहे है । वर्ष 1988 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के इस आईपीएस अधिकारी ने कई घर परिवार तोड़ दिए । पति पत्नी के बीच फूट डालकर इस “वहशी दरिंदे” ने कई महिलाओं का शोषण किया । इस समाचार के प्रकाशन का उद्देश्य यही है कि यदि आपके घर परिवार में मुकेश गुप्ता का आना-जाना है,तो सतर्क हो जाइये । वर्ना इस कुख्यात अफसर की दरिंदगी का शिकार आप और आपकी पत्नी हो सकते है । सत्य घटनाओं और तथ्यों पर आधारित यह खबर कई गंभीर मामलों के आरोपी मुकेश गुप्ता की “मॉडस आपरेंटी ” पर आधारित है । यह शक्श महिलाओं की घेराबंदी करने में माहिर है । वो उसे नापाक कोशिशो के जरिये किसी न किसी तरह से अपनी गिरफ्त में ले लेता है । फिर ऐसी महिलाओं का दैहिक शोषण करने के साथ साथ वो उन्हें अपनी अवैध कमाई खपाने का जरिया बना लेता है । प्रेस और मीडिया में लगातार प्रकाशित और प्रसारित हो रही कई खबरों में सुर्ख़ियों में आने वाली महिलाओं की दास्तान देख सुनकर आप अंदाजा लगा सकते है कि इस कुख्यात अफसर ने आखिर किस तरह से महिलाओं को ना केवल अपनी हवश का शिकार बनाया बल्कि , उन्हें बेनामी सम्पत्ति का मालिक बनाकर मुसीबत में डाल दिया । “पति पत्नी और मुकेश गुप्ता ” की दास्तान पढ़ने के साथ साथ पाठक विचार करे कि यह शक्श सभ्य समाज के लिए कितना घातक है |

आईपीएस अधिकारी मुकेश गुप्ता की दरिंदगी की दास्तान उस समय सामने आई जब , वो मध्यप्रदेश के उज्जैन में पदस्थ थे । इस दौरान उसने सरकारी टेलीफोन क्रमांक – 513300 , 513301 , 515141 , 515557 , 515558 , 511640 , 516811 से फोन कर एक सभ्रांत महिला और पेशे से डॉक्टर मिक्की मेहता की खुशहाल जिंदगी में “एंट्री” की । हवश के इस पुजारी ने पहले तो डॉक्टर मिक्की मेहता और उसके पति के बीच इतने अधिक मतभेद पैदा किये कि , पति पत्नी के बीच विवाद की स्थिति उतपन्न हो गई । वर्ष 1998 से लेकर 2000 के बीच इस कुख्यात अधिकारी ने डॉक्टर मिक्की मेहता के परिवार में बड़ी दरार पैदा कर दी । फिर डॉक्टर मिक्की मेहता को शादी का झांसा देकर उसे अपनी गिरफ्त में ले लिया । आरोपी मुकेश गुप्ता ने अपने प्रभाव और अधिकारों का दुरूपयोग करते हुए डॉक्टर मिक्की मेहता के पति और उसके ससुराल पक्ष के खिलाफ कई झूठे मुकदमे दर्ज कराये । इसका मकसद पीड़ित को न्याय दिलाना नहीं बल्कि , उसका घर परिवार पूरी तरह से तोडना था । डॉ मिक्की मेहता के पति के खिलाफ इस दरिंदे ने जो FIR दर्ज कराई थी , जांच में वो सब झूठी पाई गई । आखिरकर दुर्ग पुलिस ने मिक्की मेहता के आरोपी पति के खिलाफ दर्ज मामलों का “ख़ारजी प्रकरण” तैयार कर अदालत में भेजा । लेकिन पीड़ित पक्ष पर झूठी FIR दर्ज करने वाले अफसरों के खिलाफ आज तक कोई वैधानिक कार्रवाई नहीं हुई । वही दूसरी ओर आखिरकर एक दिन रहस्य्मय तरीके से डॉक्टर मिक्की मेहता की भी मौत हो गई । उसके परिजनों का आरोप है कि उनकी लाड़ली बेटी की इस दरिंदे ने हत्या की है । पीड़ित परिवार आज भी न्याय की गुहार लगा रहा है । लेकिन राजनैतिक संरक्षण के चलते मुकेश गुप्ता के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई । पीड़ितों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार डॉक्टर मिक्की मेहता की मौत के रहस्यों पर से पर्दा हटाएगी । वही दूसरी ओर कुख्यात मुकेश गुप्ता ने डॉक्टर मिक्की मेहता के नाम पर “MGM ” ट्रस्ट बनाकर आखिरकर उसे अपने आर्थिक दोहन का जरिया बना लिया ।

रेखा, रमेश कोहली और मुकेश गुप्ता :- हवलदार रेखा नायर और उसके पति रमेश कोहली के बीच भी आरोपी मुकेश गुप्ता जा घुसा । पुलिस विभाग में नौकरी कर रही हवलदार रेखा नायर के जलवे और किस्से आप रोजाना अख़बारों में पढ़ रहे होंगे और टीवी पर देख भी रहे होंगे । “हवलदार” का पद इतना ऊंचा और रुतबेदार नहीं है कि उसका खौफ दिखाकर करोडो की संपत्ति अर्जित की जा सके । वो भी चंद वर्षो में । लेकिन आरोपी रेखा नायर और उसके परिजन चंद सालों में ही “आकूत दौलत” के मालिक बन गए । जबकि बेहद साधारण माली हालत वाला यह परिवार बड़ी सादगी से अपना जीवन यापन कर रहा था । बताया जाता है कि एक दिन रेखा नायर और उसके पति के बीच हुई अनबन की खबर जब मुकेश गुप्ता को लगी , तो उसके सीने में वही पुराने सांप लोटने लगे । इस दरिंदे ने फ़ौरन रेखा नायर को अपनी गिरफ्त में लेने का जाल बुना । फिर उस पर अमल भी शुरू कर दिया । इसने अपने पद और अधिकारों का दुरूपयोग कर रेखा नायर के पति रमेश कोहली के खिलाफ कई झूठी FIR दर्ज करा दी । रेखा नायर से सहानभूति अर्जित करने के लिए आरोपी मुकेश गुप्ता ने रमेश कोहली की गिरफ्तारी भी कराई और उसे हवालात की सैर कराने में कोई कसर बाकि नहीं छोड़ी । इस कुख्यात दरिंदे की कार्यप्रणाली के चलते रमेश कोहली अपनी पत्नी और बच्चो से हाथ धो बैठा | अपना खुशहाल परिवार टूटने के बाद रमेश कोहली इतना मायूस हुआ कि उसने छत्तीसगढ़ छोड़ने का फैसला ले लिया । झूठे मुकदमे लादे जाने और अपनी जान जोखिम में देखकर वो देहरादून जा बसा । दूसरी ओर हवलदार रेखा नायर जब पूरी तरह से मुकेश गुप्ता की गिरफ्त में आ गई तब इस दरिंदे ने उसे भी अपनी अवैध कमाई छिपाने का जरिया बना लिया । पहले तो इसने रेखा नायर के नाम पर करोडो की बेनामी संपत्ति खरीदी । फिर उसे जोर जबरदस्ती केरल के कोल्लम जिले में भेज दिया । वो भी गैरकानूनी रूप से चार साल तक छुट्टियां देकर । इसके बाद इस वहशी दरिंदे के हाथ धीरे-धीरे रेखा नायर के परिजनों की ओर भी बढ़ गए । चंद वर्षों में देखते ही देखते आरोपी मुकेश गुप्ता ने रेखा नायर के करीबी नाते रिश्तेदारों के नाम से भी करोडो की बेनामी संपत्ति खरीदी । बताया जाता है कि महिलाओं को अपनी गिरफ्त में लेने के लिए आरोपी मुकेश गुप्ता किसी भी हद तक नीचे गिर सकता है । इसकी बानगी इस कुख्यात अधिकारी की कार्यप्रणाली से साफ़ जाहिर होती है ।

दुर्ग रेंज में बतौर आईजी पदस्थ रहते इस शक्श ने कुछ महिला अधिकारीयों को अपनी गिरफ्त में लेने के लिए उन्हें ड्राइविंग सिखाने के नुस्खे पर भी काम शुरू किया था । लेकिन ये कारगर हो पाता उसके पहले ही इसके अरमानो पर पानी फिर गया । उन महिला अधिकारीयों के पतियों को जब अपनी पत्नियों की घेराबंदी की जानकारी लगी वो फ़ौरन सतर्क हो गए । उन्होंने अपना घर परिवार बचाने के लिए फ़ौरन आरोपी मुकेश गुप्ता के साथ अपनी पत्नियों के कनेक्शन काटे और अपने घरो में उसकी एंट्री बंद की । आरोपी मुकेश गुप्ता यही हाल रायपुर में भी रहा । दुर्ग से रायपुर स्थानांत्रित होने के बाद उसने कई महिलाओ पर बुरी नजर डाली । पुलिस मुख्यालय में कई महत्वपूर्ण पदों खासतौर पर एडीजी इंटिलिजेंस का पदभार संभालने के बाद इस कुख्यात आरोपी की दरिंदगी समाज के आईने में साफतौर पर नजर आने लगी । यहां भी इस शख्स ने कई हँसते खेलते परिवारों में सेंधमारी शुरू की । अपने अधिकारों का दुरूपयोग कर कभी पति तो कभी पत्नियों के टेलीफोन और मोबाइल टैप किये । गिरफ्त में आई महिलाओ को उनके पतियों के बारे में झूठी जानकारी देकर मुकेश गुप्ता ने “गृहकलह” पैदा करने की कोशिश की । ताकि पति पत्नी के बीच विवाद की नौबत आ जाये और वो अपने इरादों में कामयाब रहे ।

आमतौर पर पति पत्नी के बीच विवाद के कई मामले रोजाना पुलिस थानों में दर्ज होते है । कई बार ऐसा भी होता है जब , कोई पक्ष सीधे तौर पर आला अधिकारियों से संपर्क कर विवादों के निपटारे में जुट जाता है । इस तरह के मामलों में पुलिस कभी पेशेवर तरीके से तो कभी मानवीय दृष्टिकोण से पेश आती है । इसका मकसद टूटते हुए घर-परिवारों को बचाना होता है । लेकिन पुलिस महकमे में मुकेश गुप्ता जैसे धूर्त अफसर भी है , जो ऐसे विवादों और प्रकरणो की राह तकते रहते है । ताकि मौके का फायदा उठाया जा सके ।

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