गुरु. अक्टूबर 17th, 2019

1.85 करोड़ रुपये बैंक से निकालने पहुंचा था युवक…..पुछताछ हुई तो खुला करोड़ों की ठगी का राज… दो युवक गिरफ्तार

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1.85 करोड़ रुपये बैंक से निकालने पहुंचा था युवक…..पुछताछ हुई तो खुला करोड़ों की ठगी का राज… दो युवक गिरफ्तार

अंबिकापुर : 8 मई 2019 फर्जी दस्तावेज से बुजुर्ग की करीब दो करोड़ की मुआवजा राशि हड़पने वाले दो शातिरों को पुलिस ने धर दबोचा है।इन युवकों ने SECL की तरफ से एक बुजुर्ग को दिये जाने वाले 1 करोड़ 85 लाख रुपये की मुआवजा राशि को हड़प लिया था। दरअसल एसइसीएल ने भूमि अधिग्रहण करने के लिए ग्राम जगन्नाथपुर के 56 ग्रामीणों का मुआवजा प्रकरण तैयार किया था। इसकी सूची में एक नाम कमल साय का भी था, जिसे मुआवजा के रुप में 1 करोड़ 85 लाख रुपया दिया जाना था। युवकों ने कमल साय के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर केनरा बैंक के खाते में निफ्टी के माध्यम से मुआवजा की राशि जमा करवा लिया।

पैसा आने के बाद युवक जब बैंक पहुंचकर पैसा निकालने लगा तो मैनेजर को शक हुआ। मैनेजर ने गांव में युवक व जमीन के संबंध में पूरी जानकारी ली, तो पूरा मामला फर्जी निकला। बैंक मैनेजर ने तत्काल इसकी सूचना एसपी को दी। एसपी के निर्देश पर दोनों युवकों को गिरफ्तार किया गया।

एसपी सदानंद कुमार ने एसइसीएल की मुआवजा की राशि फर्जी दस्तावेज तैयार कर हड़पने के मामले का खुलासा करते हुए बताया कि ग्राम जगन्नाथपुर में एसइसीएल द्वारा कोयला खदान खोला जाना है। इसके लिए ग्रामीणों के जमीन के अधिग्रहण करने की कारवाई की जा रही है। एसइसीएल ने 56 लोगों का लगभग 14 करोड 50 लाख का मुआवजा प्रकरण तैयार कर बिलासपुर भेजा था।

आरोपी अरविंद बेक अपने मित्र कपिल बेक के साथ वर्ष 2017 में उसके मुआवजा प्रकरण के निराकरण हेतु साथ में बिलासपुर गया था। इसी दौरान उसने मुआवजा प्रकरण की सूची देखी थी। सूची में सबसे ज्यादा मुआवजा जग्नाथपुर के कमल साय का था।

कमलसाय का मुआवजा प्रकरण 1 करोड़ 85 लाख रुपए का था। मुआवजा प्रकरण की राशि कैसे प्राप्त की जा सकती है, इसकी पूरी जानकारी लेकर वह वापस लौट गया था। आरोपी अरविंद ने कमल साय की मुआवजा राशि प्राप्त करने के लिए फर्जी आधार कार्ड अपने मित्र वाहिद हुसैन के साथ मिलकर फोटो साफ्टवेयर के माध्यम से बना लिया था।

फर्जी आधार कार्ड में कमल साय की जगह आरोपी अरविंद बेक का फोटो लगा दिया गया। फर्जी आधार कार्ड के आधार पर उसने केनरा बैंक में कमल साय के नाम का बैंक एकाउंट भी खुलवाया। उसने बैंक में 2 हजार रुपए जमा कर एटीएम प्राप्त कर डेढ़ हजार रुपए निकाल भी लिए।

फर्जी आधार कार्ड के आधार पर आरोपी एसइसीएल बिलासपुर गया, जहां उसने अधिवक्ता ओपी अग्रवाल से सम्पर्क किया। उसने स्वयं को कमल साय बताकर ट्रिब्यूनल कोर्ट में मजिस्ट्रेट के समक्ष मुआवजा प्रकरण पेश किया तथा भुगतान हेतु केनरा बैंक का खाता नंबर दे दिया। इसके पश्चात 1 करोड 85 लाख में से 1 करोड़ 75 लाख 56 हजार 592 रुपए 13 मार्च को आरोपी के खाते में ट्रांसफर कर दिया गया।

इसकी जानकारी लगने के बाद आरोपी जब बैंक में रुपए निकालने पहुंचा तो मैनेजर को संदेह हुआ। उन्होंने इतनी बड़ी रकम निकालने की वजह पूछी तो उसने कुछ नहीं कहा और मैनेजर से विवाद करना शुरू कर दिया। इसके बाद बैंक मैनेजर ने एकाउंट को होल्ड में डाल दिया और गांव में जाकर अरविंद बेक के संबंध में पूछताछ की।

पूछताछ में पता चला कि कमलसाय जिसके नाम से जमीन है वह 74 वर्षीय बुजुर्ग हैं और उन्हें मुआवजा प्रकरण के संबंध में कोई भी जानकारी नहीं है। इसकी जानकारी बैक मैनेजर ने तत्काल एसपी सदानंद कुमार को दी।

आइजी केसी अग्रवाल के निर्देशन मे एसपी ने एडिशनल एसपी ओपी चंदेल, सीएसपी आरएन यादव व गांधीनगर टीआई विनित दुबे को आरोपी को पकडऩे के लिए लगाया। पुलिस ने बैंक के बाहर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए घेराबंदी करके रखा था। जैसे ही आरोपी बैंक पहुंचा उसे पुलिस ने धर दबोचा। पुलिस ने आरोपी के बताए अनुसार मामले में सहयोग प्रदान करने वाले वाहिद हुसैन को भी साथ में धारा 120 बी, 420 , 467, 468, 471 के तहत गिरफ्तार कर लिया।

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